No icon

राहुल के करीबी नेता मिलिंद देवड़ा ने बताया, 2019 में जीत के लिए क्या कर रही कांग्रेस

हाइलाइट्स

  • पूर्व मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कही, मोदी और बीजेपी के मुकाबले काउंटर नैरेटिव तैयार करने की बात
  • गठबंधन पर बोले, चुनाव जीतने के लिए ही नहीं भविष्य में आधार मजबूत करने के लिए भी है जरूरी
  • पीएम मोदी से मुकाबले को सामाजिक और आर्थिक नीतियां तय करने में जुटी है राहुल गांधी की टीम
  • 'हम ब्लूप्रिंट तैयार कर लोगों को बताएंगे कि हमारा अजेंडा क्या है और इस दिशा में काम हो रहा है'

नई दिल्ली 
बीजेपी को अगले आम चुनाव में मात देने के लिए कांग्रेस बीजेपी के मुकाबले अपनी सामाजिक और आर्थिक नीतियां तय करने में जुटी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी और पूर्व मंत्री मिलिंद देवड़ा ने पार्टी की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि हम 2019 के लिए बीजेपी के मुकाबले काउंटर नैरेटिव पेश करने की तैयारी में हैं। यही नहीं, देवड़ा ने कहा कि पार्टी को इस तरह से गठबंधन करना होगा ताकि उसे चुनावों में जीत हासिल करने के साथ ही लॉन्ग टर्म में भी अपना आधार मजबूत करने में मदद मिले।

<iframe frameborder="0" id="div-clmb-ctn-208658-1-63866983_ifr_" scrolling="no"></iframe>

Recommended By Colombia

टॉप कॉमेंट

अगला चुनाव आने तक यदि राहुल जी अपनी स्थिति को शर्मनाक स्थिति से बचाना चाहते हैं तो अभी से जनता के भले के लिये सांसद में गंभीरता से भाग लें और उनके भले के लिये अपना और अपनी पार्टी क...+

Sunil K Mehrotra

5|0|0 चर्चित |आपत्तिजनक

सभी कॉमेंट्स देखैं

कॉमेंट लिखें



जानिए, कर्नाटक चुनाव से जुड़ी हर खास बात 

कांग्रेस पार्टी की तैयारियों को लेकर देवड़ा ने कहा, 'हमें लोगों को बताना होगा कि यदि आप निराश हैं और बीते 4 साल की नीतियों से असहमत हैं तो फिर हमें वोट क्यों दें?' उन्होंने कहा कि हमें बीजेपी और नरेंद्र मोदी की नीतियों के बरक्स काउंटर नैरेटिव तैयार करना होगा। पूर्व सांसद ने कहा कि कांग्रेस को अपनी सामाजिक और आर्थिक नीतियों को स्पष्ट करना होगा। मोदी सरकार पर बरसते हुए राहुल गांधी के भरोसेमंद ने कहा कि वह आर्थिक, सामाजिक और विदेश के मोर्चे पर विफल रही है। 

CJI के खिलाफ मुहिम, ओडिशा में कांग्रेस परेशान 

दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट से सांसद रह चुके मिलिंद ने कहा, 'सामाजिक तौर पर हमारा स्टैंड क्लियर है। आर्थिक तौर पर भी यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम ब्लूप्रिंट तैयार कर लोगों को बताएं कि हमारा अजेंडा क्या है और इस तरफ हम बढ़ रहे हैं।' बता दें कि 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस को 543 लोकसभा सीटों में से महज 44 पर जीत मिली थी और पार्टी को मुख्य विपक्षी दल का भी दर्जा नहीं मिल सका। 

गठबंधन की राजनीति को लेकर कांग्रेस को एक तरह से नसीहत देते हुए राहुल के भरोसेमंद ने कहा, 'हमें एक पार्टी के तौर पर लॉन्ग टर्म के लिए सोचना होगा। हम सिर्फ चुनाव जीतने या फिर बीजेपी को हराने के बारे में ही नहीं सोच सकते। हमें यह भी यह भी सोचना होगा कि कौन हमारा पार्टनर होगा, कौन शासन करना चाहता है और कौन हमारे साथ काम करने की इच्छा रखता है।' 

 

Comment