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चीनी हथियारों के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका से फेरा मुंह, अमेरिकी हथियार निर्यात में जबरदस्त गिरावट

इस्लामाबाद 
अमेरिका की भारत के साथ बढ़ती नजदीकियों और पाकिस्तान के साथ बढ़ती दूरियों के बीच, पाकिस्तान ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी सैन्य जरूरतों के लिए अब चीन का दामन पूरी तरह से थाम लिया है।एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने चीन के उच्च तकनीकी हथियारों के लिए अमेरिका से मुंह फेर लिया है। इस बड़े बदलाव के लिए एफ-16 लड़ाकू विमान की डील को जिम्मेदार माना जा रहा है। 

पाक-चीन का संयुक्त हथियार - जेएफ-17 
अमेरिका के साथ एफ-16 का सौदा खत्म होने के बाद पाकिस्तान ने जेएफ-17 लड़ाकू विमान पर अपना फोकस शिफ्ट कर लिया, जिसे वह चीन के साथ मिलकर बना रहा है। क्षमता के मामले में जेएफ-17, एफ-16 लड़ाकू विमानों को भी टक्कर देगा। 

अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान देने पर लगे इस बैन ने पाकिस्तान को सैन्य खरीद के लिए अमेरिकी सैन्य हथियार के बजाय चीन की तरफ झुकने पर मजबूर कर दिया। अपनी सैन्य खरीद के लिए पाकिस्तान पूरी तरह से चीन की तरफ आ गया।

अमेरिकी हथियार निर्यात में भारी कमी 
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट में जारी डेटा के अनुसार, पाकिस्तान में अमेरिकी हथियार निर्यात पिछले साल 1 बिलियन डॉलर (6678 करोड़) से घटकर 21 मिलियन डॉलर (2.15 करोड़) हो गया। निर्यात का यह आंकड़ा साल 2010 से लेकर 2017 तक का है। वहीं, इसी अवधि में चीन से हथियारों के निर्यात में कमी तो आई है, लेकिन वह अमेरिका से निर्यात होने वाले हथियारों के मुकाबले काफी कम है। 

 

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